The District Archaeological Museum located in Panna district is a famous place that attracts history and culture lovers. This museum is a symbol of the rich cultural and historical heritage of Panna, in which ancient sculptures, inscriptions and archaeological remains are preserved.
Origin and Objectives
The District Archaeological Museum was established with the aim of preserving and exhibiting the historical and cultural heritage of Panna district. This museum operates under the Department of Archaeology of the Government of Madhya Pradesh. The main objective of the museum is to preserve the archaeological heritage found in Panna and its surrounding areas and to make the public aware of their importance.
Exhibitions and Attractions
The objects displayed in the museum reflect the historical and religious importance of Panna. It has a collection of various types of ancient sculptures, pottery, coins, inscriptions, and other archaeological remains.
Educational and Cultural Importance
The District Archaeological Museum is an important place for students, researchers and history lovers. The objects stored here are a great medium to know and understand the ancient history, art and culture of Panna.
How to Reach
The city of Panna is connected to major cities of Madhya Pradesh by road. The museum is located in the main area of the city and can be easily reached. Khajuraho airport and railway station are about 40 km from the museum. Conclusion.
The District Archaeological Museum, Panna is no less than a treasure trove of jewels. This museum preserves the rich heritage of Panna, and teaches its importance to the coming generations. A visit here is a must for those who want to see and understand India’s past and this glorious tradition.
पन्ना जिले में स्थित जिला पुरातत्व संग्रहालय एक ऐसा प्रसिद्ध स्थल है जो इतिहास और संस्कृति प्रेमियों को आकर्षित करता है। यह संग्रहालय पन्ना की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का प्रतीक है, जिसमें प्राचीन मूर्तियां, शिलालेख और पुरातात्विक अवशेष संरक्षित हैं।
प्रारंभिक और उद्देश्य
जिला पुरातत्व संग्रहालय की स्थापना पन्ना जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और प्रदर्शित करने के उद्देश्य से की गई थी। यह संग्रहालय मध्य प्रदेश शासन के पुरातत्व विभाग के तहत संचालित होता है। संग्रहालय का मुख्य उद्देश्य पन्ना और इसके आसपास के क्षेत्रों में पाए गए पुरातात्विक धरोहरों को सहेजना और जनता को उनके महत्व से अवगत कराना है।
प्रदर्शनी और आकर्षण
संग्रहालय में प्रदर्शित वस्तुएं पन्ना के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को दर्शाती हैं। यहां विभिन्न प्रकार की प्राचीन मूर्तियां, मिट्टी के बर्तन, सिक्के, शिलालेख, और अन्य पुरातात्विक अवशेषों का संग्रह है।
शैक्षणिक और सांस्कृतिक महत्व
जिला पुरातत्व संग्रहालय छात्रों, शोधकर्ताओं और इतिहास प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है। यहां संग्रहित वस्तुएं पन्ना के प्राचीन इतिहास, कला और संस्कृति को जानने और समझने का एक बेहतरीन माध्यम हैं।
कैसे पहुंचें
पन्ना शहर सड़क मार्ग से मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। संग्रहालय शहर के मुख्य क्षेत्र में स्थित है और आसानी से पहुंचा जा सकता है। खजुराहो का हवाई अड्डा और रेलवे स्टेशन संग्रहालय से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर है। समापन.
जिला पुरातत्व संग्रहालय, पन्ना किसी गहने के खजाने से कम नहीं है। यह संग्रहालय पन्ना की समृद्ध धरोहर को सहेजता है, और आने वाली पीढ़ियों को उसका महत्व सिखाता है। यहां की यात्रा उन्हीं लोगों के लिए का जाना चाहिए, जिन्हें भारत का अतीत और इस गौरवशाली परंपरा को देखने और समझने का मन करता हो।
Shaded in the Panna district of Madhya Pradesh, the Pandav Falls grace the banks of Ken River and reign at a height of around 30 meters. Named after the Pandava brothers from the Indian Epic Mahabharata who are believed to have been there, the area is loaded with natural gems.